जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित प्रांतीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला वर्ग में आज प्रशिक्षण के छाठवें दिन प्रशिक्षु आचार्य एवं आचार्या को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय मंत्री डॉ सौरभ मालवीय जी ने कहा कि जिस संगठन से जुड़कर हम काम करने वाले हैं ,वह एक गैर-सरकारी संगठन है। विद्या भारती की विश्वसनीयता समाज में है। इस प्रकार के विचार के आप पिलर हैं ।समाज को आपके प्रति विश्वास है। किसी भी राष्ट्र, देश व समाज के विकास में शिक्षा का अहम योगदान है। विद्यालय जीवंत है।हमको पीढ़ियों का निर्माण करना है। हमें भारत की विकास परम्परा को जानना है। भारत पवित्र, श्रेष्ठ, परोपकारी,लोक मंगलकारी है,।सत्य सनातन है,भारत मोक्ष है। भारत सत्य है।भारत सत्यं, शिवम् सुंदरम है। भारत प्रकृति का उपासक है। डॉ सौरभ मालवीय जी ने कहा कि जब शिक्षक मजबूत होगा तो छात्र समस्या कम होगी।हमारा पहचान, हमारा काम बनें। हम शिक्षक के नाते अपने कार्य व्यवहार के प्रति ईमानदार हों । लिखना,पढ़ना ,सुनना सुनाना यह हमारे अंदर आना चाहिए। अपने संबोधन में आपके द्वारा इस दस द्विसीय प्रशिक्षण के छाठवें दिन प्रशिक्षु आचार्य, आचार्या दीदी ने क्या सीखा जैसे विषयों के बारे प्रशिक्षु आचार्य आचार्या दीदी से चर्चा परिचर्चा की। विद्या भारती क्या है ?हम आचार्य क्यों बनें? हमें आचार्य बनकर क्या करना होगा जैसे अनेक विषयों पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र का मार्गदर्शन सभी प्रशिक्षु को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के प्रदेश निरीक्षक श्री जियालाल जी सहित प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख श्री दिवाकर राम त्रिपाठी जी, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविंद कुमार चतुर्वेदी जी सहित प्रशिक्षण देने वाले प्रांत के प्रधानाचार्य बंधु भगिनी उपस्थित रहे। प्रांत प्रचार संयोजक श्री अशोक कुमार मिश्र जी द्वारा उपरोक्त विषयों के बारे में बताया गया।



















