विद्या भारती जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित प्रांतीय प्रधानाचार्य प्रशिक्षण वर्ग के चौथे दिन के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रधानाचार्य की कार्ययोजना विषय पर श्रीराम आरावकर अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती,जी ने अपना मार्गदर्शन प्रधानाचार्य बंधुओं को दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर, सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि का परिचय दिवाकर राम त्रिपाठी संभाग निरीक्षक आर्यमगढ़ ने कराया। श्रीराम आरावकर जी ने कहा कि प्रधानाचार्य ,आचार्य ही है। वह शैक्षणिक नेतृत्व कर्ता है। वर्तमान समय में आचार्य को अपग्रेड होना होगा। मनुष्य अपने अंतर्मन से प्रेरणा लेता है। स्वभाव, प्रभाव व दबाव तीन प्रकार से लोग काम करते हैं। हमारी शिक्षा बाल केंद्रित, क्रिया आधारित व भारत केंद्रित होना चाहिए। बिना अभ्यास के बोध स्थायी नहीं होगा। बिना भाव के पढ़ाई नीरस होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षण के भारतीय ज्ञान परम्परा को जोड़ना है।हम विद्यालय व शिक्षकों को अपग्रेड करें, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।आज के कार्यक्रम का संचालन चंद्र भूषण पांडेय प्रधानाचार्य द्रोपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज लुचुई, सहजनवां गोरखपुर ने किया। जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक जियालाल जी ने राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती के प्रति आभार ज्ञापित किया।
















