कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों के परिचय से हुआ, जिसे विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य श्री श्रवण कुमार सिंह जी ने प्रस्तुत किया। प्रस्ताविकी क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका श्रीमती निधि द्विवेदी जी द्वारा रखी गई।
माननीय हेमचंद्र जी ने बालिकाओं के “सप्त नैसर्गिक गुणों” पर प्रकाश डालते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर बल दिया। उन्होंने शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र— “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव”— को जीवन में उतारने का संदेश दिया।
द्वितीय सत्र में श्रीमती निधि द्विवेदी जी ने “बालिका शिक्षा की संकल्पना एवं विकास यात्रा” पर प्रकाश डालते हुए विद्या भारती द्वारा संचालित बालिका विद्यालयों की जानकारी दी एवं मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के अनुरूप शिक्षा पद्धति को समझाया।
तृतीय सत्र में बहन खुशबू साहू ने “माइक्रोसॉफ्ट पीपीटी निर्माण” का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, वहीं श्रीमती सुधा तिवारी जी ने “बालिका शिक्षा परिषद, कन्या भारती एवं मातृभारती” के गठन एवं उनके महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती पूजा मिश्रा जी द्वारा एवं आभार ज्ञापन विद्यालय के प्रबंधक श्री राकेश जी द्वारा किया गया।

















