युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं स्वामी विवेकानन्द - डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित...
राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जयंती के पावन अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर, सिकंदरपुर बस्ती में...
विद्या भारती के तत्वावधान में आज 07 जनवरी 2026 (बुधवार) को आनंदी देवी सरस्वती शिशु वाटिका, सीतापुर के प्रांगण में...
आज दिनांक 7 जनवरी 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, ऊर्जा विहार ऊँचाहार में शारीरिक आचार्या बहन पूजा जी...
ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस में आयोजित विद्या भारती की प्रांतीय बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन...
आज दिनांक 6 जनवरी 2026 को पावन श्रीराम नगरी अयोध्या धाम स्थित श्रीराम निवास में सेवा/जनजाति क्षेत्र की गरिमामयी संयुक्त...
ग्रामभारती धम्मौर में यूपी बोर्ड अंतर्गत ग्रामीण प्रशिक्षण टोली की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसमें शैक्षिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण व्यवस्था...
एनसीएल ककरी परियोजना परिसर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, ककरी (सोनभद्र) में प्रातःकालीन वंदना सभा के अवसर पर महाकौशल...
संयुक्त अखिल भारतीय बैठक के दौरान “शिशु मन्दिर संदेश” नामक पुस्तक का गरिमामय विमोचन सम्पन्न हुआ। यह पुस्तक शिशु मन्दिरों...
प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार विषयों की संयुक्त अखिल भारतीय बैठक गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में विद्या भारती पूर्वी...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
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