“परम्परा और तकनीक का संतुलित संगम” — इसी मूल भाव के साथ विद्या भारती सतत् शिक्षण एवं प्रशिक्षण के माध्यम...
सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवपुरम बड़गांव (गोण्डा) में नवीन भवन का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य लोकार्पण सम्पन्न...
बरहज-देवरिया स्थित, सरस्वती शिशु मंदिर में वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता, पुत्र-पुत्री सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ...
नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर बलिया में प्रवेश परीक्षा उत्साहपूर्वक सम्पन्न। संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा...
संस्कारयुक्त एवं अत्याधुनिक शिक्षा के प्रतिष्ठित केंद्र ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइन्स में दिनांक 15 मार्च...
सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड गोरखपुर में दिनांक 14–15 मार्च 2026 को क्षेत्रीय शिशु वाटिका समीक्षा एवं योजना बैठक का सफल...
चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी स्थित जनजातीय संस्कार केंद्र में बहनों के साथ प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित संस्कृति बोध परियोजना अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय अभियान प्रमुख श्री राजेंद्र देव त्रिपाठी...
विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी के विद्यालय प्रवास के अवसर पर उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।...
विद्यालय के मेधावी भैया शैलेन्द्र कुमार ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग परीक्षा JEE Mains में सफलता प्राप्त कर विद्यालय, परिवार...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
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