राष्ट्रीय चेतना पर गहन मंथन नव चयनित आचार्यों के प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन अवध प्रांत के सह कार्यवाह मा०...
बिंदकी (फतेहपुर) स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लंका रोड में आयोजित 10 दिवसीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे...
कुड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, खलीलाबाद (संत कबीरनगर) द्वारा आयोजित भजन संध्या एवं परिवार मिलन कार्यक्रम अत्यंत...
सरस्वती शिशु मन्दिर (10+2), पक्कीबाग, गोरखपुर में विज्ञान एवं शारीरिक विषय का एक दिवसीय संकुल स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक सम्पन्न...
महरौनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में “कौशल विकास” विषय पर आधारित ग्रीष्मकालीन कैंप का शुभारंभ अत्यंत उत्साह एवं...
“भारतीय बालिका शिक्षा ज्ञान परंपरा, संबंध मूल्य एवं जीवन मूल्यों पर आधारित है।”— डॉ. सौरभ मालवीय सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड...
कसया नगर स्थित सरस्वती शिशु मन्दिर में आयोजित प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण कार्यशाला के पांचवें दिन का शुभारम्भ माँ सरस्वती...
प्रांतीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग 2026-27 एवं बालिका शिक्षा कार्यशाला का शुभारंभ 14 मई 2026 को माँ सरस्वती की प्रतिमा...
नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर (बलिया) के भैयाओं ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त...
सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग बस्ती का CBSE कक्षा 12 का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा — जो विद्यालय...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
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