विद्या भारती जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज आंनदनगर ,महराजगंज में आयोजित नव चयनित आचार्य...
भारतीय शिक्षा समिति उ०प्र० द्वारा गोपाल सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रायबरेली में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन विद्याभारती पूर्वी...
भारतीय शिक्षा समिति उ०प्र० द्वारा गोपाल सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रायबरेली में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन विद्याभारती पूर्वी...
जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित प्रांतीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला वर्ग में आज प्रशिक्षण के छाठवें दिन प्रशिक्षु...
सरस्वती शिशु मन्दिर ज्ञानकुञ्ज विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में चल रही पञ्च दिवसीय नव चयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग डॉ सौरभ मालवीय...
एक आदर्श राष्ट्र का निर्माण नागरिक के व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय चरित्र पर निर्भर करता है।डॉ0 राममनोहर जी। विवेकानंद सरस्वती विद्यामंदिर...
विद्या भारती का लक्ष्य बालक का सर्वांगीण विकास: माननीय हेमचन्द्र जी *सुल्तानपुर, 28 मई 2025:* सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद, सुल्तानपुर...
क्षेत्रीय अभिलेखागार की कार्यशाला दिनांक 30 मई 2025 दिन गुरुवार को संपन्न हुई | कार्यशाला में श्रीमान प्रदीप जी, अखिल...
राष्ट्र निर्माण में आचार्यों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आचार्य ही वह दीपक हैं जो चरित्र और संस्कार का उजियारा...
जय नारायण विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज विकास नगर कानपुर में मा० हेमचन्द्र जी क्षेत्रीय संगठन मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश ने...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
© 2025 Vidya Bharti Purvi UP - Design & Maintain by Luna Infotech.