बहराइच के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, माधवपुरी में आयोजित "मेधा सम्मान समारोह" में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं...
गोरखपुर में आयोजित प्रान्तीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के चतुर्थ दिवस पर माननीय डॉ. सौरभ मालवीय जी द्वारा “भारतीय ज्ञान...
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मध्य सत्र में डॉ० सौरभ मालवीय ने आचार्यों के साथ आत्मीय संवाद कर शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र...
प्रांतीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित "डॉ. सौरभ मालवीय" (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी...
विद्या भारती द्वारा आयोजित "प्रांतीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग" के पाँचवें दिन एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं चिंतनशील सत्र सम्पन्न हुआ।...
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर महर्षि अरविन्द सरस्वती विद्या मंदिर, केशव नगर में आयोजित "प्रांतीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण...
कसया, कुशीनगर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ0 सौरभ मालवीय जी द्वारा महोगनी (Swietenia mahagoni) का पौधा रोपित...
“पर्यावरण संरक्षण से ही बचेगा मानव जीवन” आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि स्वच्छ व सुरक्षित पर्यावरण...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
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