हरदोई के पं. बाबूराम त्रिवेदी सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन शिशु मंदिर योजना एवं पंचपदी...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, झारखंड कादीपुर, सुलतानपुर के मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपनी...
“21वीं सदी के आचार्य को तकनीक के साथ जीवन मूल्य भी अपनाने होंगे” – डॉ. सौरभ मालवीय पं. बाबूराम त्रिवेदी...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री *मा. हेमचन्द्र जी* का गरिमामय आगमन हुआ। इस अवसर पर नव...
सकारात्मक इच्छाशक्ति के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने से ही शिक्षार्थी को उसका समुचित लाभ मिलता है। *शिक्षक जीवन में प्रशिक्षण...
आज दिनांक 03 जून को कसया नगर स्थित महर्षि अरविन्द विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गोरक्षप्रान्त के नवचयनित आचार्य...
समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि...
दिनांक 01 जून 2026 को कलेक्ट्रेट, कन्नौज स्थित गांधी सभागार में आयोजित *“मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह”* में प्रतिभा, परिश्रम और...
सीतापुर में आयोजित पंद्रह दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्या...
आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सीतापुर में आयोजित पंद्रह दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन प्रेरणादायी वातावरण...
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रवाद पर आधारित शिक्षा प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसकी नींव 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग़ में पहले “सरस्वती शिशु मंदिर” के रूप में रखी गई, जो संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का केंद्र बना। 1958 में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति का गठन हुआ, और 1977 में इसे अखिल भारतीय पहचान मिली, जिससे विद्या भारती देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शिक्षा संगठन बन गया। यह संगठन राष्ट्रवादी शिक्षा, संस्कार, योग, संगीत, और चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। विद्या भारती भारतीय शिक्षा दर्शन को समृद्ध करने के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को भी बढ़ावा देती है।
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