शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित तीन दिवसीय *प्रधानाचार्य कार्ययोजना बैठक* का शुभारम्भ आज विधिवत् उद्घाटन के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. हेमचन्द्र जी एवं विशिष्ट अतिथि मा. रामसिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना से कार्यक्रम का प्रारम्भ हुआ।
मुख्य अतिथि मा. हेमचन्द्र जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में संस्कारयुक्त, बाल केन्द्रित एवं क्रिया आधारित शिक्षा को विद्याभारती का मूल लक्ष्य बताते हुए पंचप्राण—छात्र, आचार्य, अभिभावक, पूर्व छात्र एवं प्रबंध समिति—के समन्वित विकास पर बल दिया।
द्वितीय सत्र में डॉ. राम मनोहर जी ने *पंचकोषीय विकास* एवं गतिविधि आधारित शिक्षण की महत्ता को विस्तार से समझाया, जिससे बालकों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर अटल टिंकरिंग लैब के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रोजेक्ट बनाने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्याओं, आचार्य-आचार्या बहनों ने सहभागिता कर कार्ययोजना निर्माण में सक्रिय योगदान दिया।













