बरहज-देवरिया स्थित, सरस्वती शिशु मंदिर में वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता, पुत्र-पुत्री सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ मालवीय जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण का आधार है। शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों का विकास करती है।
विशिष्ट अतिथि श्वेता जायसवाल जी ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रभक्ति की भावना को सराहा।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों एवं भैया-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।



















