बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, नए विद्यालयों की स्थापना, शिक्षकों के प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने तथा संस्कृति आधारित शिक्षा अभियानों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। 











