“भारतीय बालिका शिक्षा ज्ञान परंपरा, संबंध मूल्य एवं जीवन मूल्यों पर आधारित है।”— डॉ. सौरभ मालवीय 
सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड (गोरखपुर) में आयोजित चार दिवसीय प्रांतीय बालिका शिक्षा कार्यशाला का समापन माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ अत्यंत गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। 


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के मंत्री एवं अखिल भारतीय सह-प्रभारी (प्रचार विभाग) प्रो. सौरभ मालवीय जी तथा क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रभारी श्री उमाशंकर जी की प्रेरणादायी उपस्थिति रही। 
अपने उद्बोधन में डॉ. मालवीय जी ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य नारी को पूज्य भाव प्रदान करते हुए संबंध एवं जीवन मूल्यों की स्थापना करना है। संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से ही बालिकाओं में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्रभाव का विकास संभव है, जिससे एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण होगा। 













