बिंदकी (फतेहपुर) स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लंका रोड में आयोजित 10 दिवसीय शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन माननीय क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से सभी प्रशिक्षुओं को जागृत किया। 
उन्होंने शिक्षिकाओं में *समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी एवं भागीदारी* जैसे मूल गुणों के विकास पर बल देते हुए शिशु वाटिका की व्यवस्थाओं, क्रियाकलापों एवं कार्यक्रमों का विस्तृत मार्गदर्शन दिया। साथ ही 16 संस्कारों के महत्व को बताते हुए कहा कि केवल शिक्षक बनना पर्याप्त नहीं, बल्कि *आचार्यत्व* का विकास आवश्यक है।
दिनभर के सत्रों में वैचारिक चर्चा, अंग्रेजी शिक्षण, कोश आधारित शिक्षण, हस्तलिखित पत्रिका लेखन, गीत आधारित गतिविधियां एवं सायं सत्र में रंगमंच प्रशिक्षण जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। 

प्रातःकालीन सत्र में हवन-पूजन एवं प्रातः स्मरण के साथ दिन की शुरुआत हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। 
इस प्रशिक्षण वर्ग में पूरे प्रांत से 65 शिक्षक एवं 10 प्रशिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है।















